राजस्थान राजस्व पटवार, कानूनगो संघ ने समस्याओ को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा

भीलवाड़ा समाचार 
 गुलाबपुरा (रामकिशन वैष्णव ) राजस्थान राजस्व पटवार-कानूनगो संघ ने अपनी समस्याओ को लेकर जिला कलेक्टर भीलवाड़ा के नाम का ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी को सौंपा। एसडीएम दिव्यराज सिंह चुंडावत को दिए गए ज्ञापन मे बताया की  राजस्थान पटवार-कानूनगो संघ निम्न समस्याओं के संबंध में आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हैं- जिसमे  राजस्व कार्मिकों पर अनावश्यक दबाव व भय का वातावरण आप द्वारा पिछले काफी समय से जिले के गिरदावर-पटवारियों के विरूद्ध अत्यधिक आक्रामक रूख अपनाया हुआ हैं, छोटी छोटी व अपेक्षाकृत कम गंभीर प्रकृति की विभागीय जाँचों में अत्यधिक कठोर दण्डादेश पारित किये जा रहे हैं। विभागीय जांच प्रकरणों में कार्मिकों के जवाब व सबूतों को नजरअंदाज किया जाता हैं व जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट से परे जाकर प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्तों के विपरीत कठोर निर्णय पारित किए जा रहे हैं। राजस्व कार्मिकों के विभागीय जांच प्रकरणों में जांच अधिकारियों व तहसीलदारों पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता हैं, जिससे निर्दोष कार्मिकों के खिलाफ जांच रिपोर्ट प्रभावित हो रही हैं। इस प्रकार बिना वजह पटवारी-गिरदावरों को प्रताड़ित किया जा रहा हैं, जिससे जिले के राजस्व कर्मियों में भय का माहौल हैं। भय के वातावरण में कार्य करने से कार्मिकों की कार्यक्षमता / कार्यकुशलता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा हैं एवं दमनात्मक, क्रूर एवं अपने अधीनस्थों के प्रति तानाशाहीपूर्ण कठोर स्वभाव की चर्चा आप जहां-जहां पदस्थापित रहे हैं, रही हैं, जिसके कारण भीलवाड़ा जिले के राजस्व कार्मिकों को भी भय के माहौल में कार्य करना पड़ रहा हैं। आपके इस व्यवहार के विरूद्ध / विरोधस्वरूप  जिले भर के समस्त राजस्व कार्मिक अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे और प्रतिदिन एक घंटे दोपहर 12:00 बजे से 01:00 बजे तक सांकेतिक कार्य बहिष्कार करेंगे।
अतः जिले में पटवारी/ गिरदावर संवर्ग में अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन के दौरान भयरहित वातावरण बनाने के लिये पिछले कुछ समय में आप द्वारा पटवारी-गिरदावरों के विरूद्ध संस्थित की गई समस्त विभागीय जाँचों को प्रत्याहरित किया जावें। तथा वर्तमान में जिले में निलंबित समस्त पटवारी / गिरदावरों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जावें। ज्ञापन मे बताया की हरदेव लाल बैरवा प्रकरण पटवारी हरदेव लाल बैरवा को समय पर धारा 91 की रिपोर्ट नहीं करने जैसे अत्यंत साधारण आरोप में विभागीय जाँच के नियम 16(9) के आज्ञापक प्रावधानों का खुला उल्लंघन करते हुए Dismissal from service जैसे कठोरतम दण्ड से दण्डित कर दिया गया। यह आरोप सिरे से ही गलत था, क्योंकि राजस्थान भू राजस्व (भू-अभिलेख) नियम, 1957 के अनुसार फसल खरीफ की धारा 91 की रिपोर्ट दिनांक 15 अगस्त तक करनी होती हैं, जबकि पटवारी  हरदेव लाल बैरवा, पटवारी को 15 अगस्त से पूर्व ही निलंबित किया जाकर आरोपित कर दिया गया, जो कि नियम विरूद्ध हैं। अतः  उक्त प्रकरण को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम, 1958 के नियम 24 के तहत नियमानुसार रिव्यू करने हेतु आप के स्तर से  संभागीय आयुक्त महोदय, अजमेर को लिखा जावे। ज्ञापन मे बताया की स्थानान्तरणाधीन कार्मिकों की कार्यमुक्ति जिला भीलवाड़ा में अन्य जिलों के मूल निवासी कई पटवारी-गिरदावर कार्यरत हैं, जिनका हाल ही में राजस्व मण्डल / संभागीय आयुक्त महोदय द्वारा उनके गृह जिलों में स्थानान्तरण किया गया हैं, उनको आदिनांक तक कार्यमुक्त नहीं किया गया हैं। खेद का विषय यह हैं कि स्थानान्तरणाधीन समस्त कार्मिकों को कार्यमुक्त किये जाने के बजाय सिर्फ ऊँची पहुँच वाले कार्मिकों को ही कार्यमुक्त किया जा रहा हैं, जिससे स्थानान्तरित कार्मिकों के साथ-साथ अन्य कार्मिकों में भी आक्रोश हैं। अतः  बिना किसी भेदभाव के स्थानान्तरणाधीन समस्त कार्मिकों को अविलम्ब कार्यमुक्त किये जाने के आदेश जारी किये जावें एवं राजस्थान पटवार-कानूनगो संघ की उपरोक्त न्यायसंगत मांगों का बुधवार दिनांक 29.07.2026 तक समाधान किया जावें, अन्यथा गुरूवार दिनांकः 30.07.2026 से जिले के समस्त पटवारी गिरदावरों द्वारा संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जायेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी और भविष्य में यदि आंदोलन की आग पूरे प्रदेश स्तर पर फैलती हैं, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी व्यक्गितरूप से आप जिला कलेक्टर  की होगी। ज्ञापन देने वाले मे पटवार संघ शाखा तहसील हुरडा व तहसील अंटाली के राजस्व पटवारी एवं कानूनगो संघ के पदाधिकारी मौजूद थे।